सांचौर के सबसे बड़े शराब ठेकेदार लक्ष्मण देवासी नागौलड़ी की सोमवार को दिनदहाड़े शहर में 3 बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। तीनों बदमाश फॉरच्यूनर गाड़ी में सवार होकर आए थे। देवासी अपने ड्राइवर के साथ शहर के चार रास्ता से स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर गुजरात की तरफ जा रहा था। चार रास्ता से 300 मीटर दूर बालाजी नगर के गेट तक पहुंचा तभी एक पीछे से फॉरच्यूनर गाड़ी ने ओवरटेक करते हुए लक्ष्मण की गाड़ी के आगे रोक दी। लक्ष्मण देवासी की गाड़ी रुकते ही फारच्यूनर गाड़ी से तीन बदमाश नीचे उतरे एवं गाड़ी के पास जाकर लक्ष्मण देवासी पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। बदमाशों ने करीब 10 गोलियां दागीं और गुजरात तरफ भाग गए। लक्ष्मण देवासी के सिर में 2 गोलियां लगने से मौत हो गई।
देररात तक पुलिस को आरोपियों के बारे में कोई सुराग नहीं मिला। इधर, घटना को लेकर बड़ी संख्या में लोग सांचौर अस्पताल की मोर्चरी के आगे धरने पर बैठ गए हैं। रानीवाड़ा के पूर्व विधायक रतन देवासी भी मौके पर पहुंचे हैं। परिजन व समाज के लोग आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े हुए हैं। सांचौर डीवाईएसपी मांगीलाल राठौड़ ने बताया कि क्षतिग्रस्त गाड़ी को थाने में और शव राजकीय अस्पताल में रखवाया है। सांचौर सहित पड़ोसी जिलों में नाकाबंदी करवाई है।
देवासी की गाड़ी के आगे आकर रुकवाया
घटना 5.30 बजे की है। लक्ष्मण देवासी की गाड़ी उसका भाणेज रमेश चला रहा था। बड़सम चौराहा से थोड़ा पहले बालाजी नगर गेट के पास फारच्यूनर को हाईवे पर आगे लगाकर रुकवाया।
तीनों ही ट्रेंड शूटर, 30 सेकंड में टारगेट पूरा
यह बदमाश फारच्यूनर गाड़ी से बेखौफ उतरते हैं। उनकी शक्ल-सूरत से लगते हैं कि तीनों बदमाश शॉर्प शूटर हैं। यह ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहे हैं। इनकी पांच गोलियां गाड़ी के अगले हिस्से में कांच पर लगी। एक बोनट एवं कुछ गोलियां खाली साइड के कांच से मारी गई। जिससे कांच टूट गया।
सांचौर जिला तो बन गया, अपराध मुक्त कब होगा?
सांचौर जिला तो बन गया, लेकिन अपराध मुक्त कब होगा? यह सवाल इसलिए, क्योंकि-सोमवार को सुबह में कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय का उद्घाटन हुआ। उसके कुछ घंटे बाद ही दोपहर में हत्याकांड की घटना सामने आ गई। सबसे बड़े शराब ठेकेदार लक्ष्मण देवासी की दिनदहाड़े शहर में 3 बदमाशों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपराधी कितने बेखौफ है, इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि लक्ष्मण देवासी को एक नहीं, 10 गोलियां बीच सड़क पर दागी गई। पुलिस का खौफ देखिए…वे खुलेआम सड़क पर हथियार लहराते निकलते हैं और दिन दहाड़े हत्या करके फरार हो जाते हैं। सांचौर में बीते 3 साल में सबसे ज्यादा अपराध हुए। पेपर लीक या नकल में बदनाम हो चुके सांचौर में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, अपहरण के मामलों की लंबी सूची बनती जा रही है।
3 साल में दुष्कर्म के 386 केस दर्ज हुए हैं। नकल गैंग व पेपर आउट के 10 साल में 90 प्रतिशत आरोपी बढ़े हैं। ये कैसे हुआ? जाहिर है, अपराधियों में पुलिस को कोई डर नहीं है। वे बेखौफ है। पुलिस ही अपराधियों से डरी हुई है। यह शायद इसलिए भी है, अपराधियों, कुछ नेताओं और अधिकारियों का एक घिनौना गठजोड़ बन गया है। दैनिक भास्कर के महासर्वे में भी पिछले दिनों आम लोगों ने सांचौर में बढ़ते अपराध को लेकर चिंता जताई थी। अपराधियों व पुलिस का गठजोड़ तोड़ना अत्यंत आवश्यक है। अन्यथा यह हमारे सांचौर को भस्म कर देगा। अपराध रोकने के लिए पुलिस को मुक्तहस्त करना पड़ेगा, अपराधियों के प्रति लगाव त्यागना पड़ेगा। अगर मंत्री सुखराम विश्नोई सचमुच सांचौर को अपराधमुक्त बनाना चाहते हैं तो पुलिस की जवाबदेही तय करनी होगी। नई कलेक्टर पूजा पार्थ और नए एसपी शैलेंद्र सिंह इंदोलिया से उम्मीद है कि वे सांचौर के अपराध को कंट्रोल करेंगे। सभी मिलकर सांचौर को जिले की सौगात के साथ-साथ अपराध मुक्त बनाने के लिए भी ठोस कदम उठाएंगे।
एक के पास आधुनिक हथियार भी, 1 बदमाश पिस्टल लोड करता िदखा
हत्यारों में से 1 बदमाश जो टोपी पहने हुए सबसे अधिक फायरिंग करता है कारतूस खत्म हो जाने पर वहां लोड भी करता है। एक के हाथ में आधुनिक हथियार भी दिख रहा है। पहले उससे गोली मारने की कोशिश करता है, लेकिन वो नहीं चल पाता है तो वापस गाड़ी में जाकर पिस्टल से फायरिंग करता है।
फॉरच्यूनर लेकर आए थे बदमाश
फॉरच्यूनर से तीन बदमाश आगे रुकते हैं। एक बदमाश ने टोपी पहनी है। तीनों के हाथों में पिस्टल है। 30 सेकंड तक गोलियां बरसाते हैं। पहले दूर से एवं उसके बाद नजदीक जाकर गोली मारी।
मृतक लक्ष्मण
2 मिनट का खूनी खेल
तीन शूटर गाड़ी से उतरे, 10 राउंड फायरिंग की
एक गोली सिर में से हुई पार, वही बनी मौत का कारण
बदमाशों द्वारा चलाई गोलियां लक्ष्मण को कितनी लगी है वो पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट हो पाएगा। अस्पताल में मृत घोषित करने वाले डॉक्टर्स के अनुसार मुख्य गोली जो सिर में लगी उससे मौत हो गई। सिर में बायीं तरफ से जाकर जो गोली बीचोंबीच से निकलते ही दाहिने तरफ से पार हो गई। उसी गोली की वजह से उसकी मौके पर मौत हो गई।